by Major Krapal Verma | Dec 31, 2023 | राम चरण
आज सात दिन हो गए थे। राजेश्वरी ने पंडित कमल किशोर से सीधे मुंह बात न की थी। “कसूर तो बताओ महारानी!” पंडित कमल किशोर आज अड़ गए थे। “मेरी जान ही ले कर रहोगी!” उन्होंने राजेश्वरी को याचक निगाहों से देखा था। अपने सामने हार मानते पंडित कमल किशोर...
by Major Krapal Verma | Dec 30, 2023 | राम चरण
ग्राहकों की भीड़ लगी है। राम चरन पर आंख उठाने तक की फुरसत नहीं है। भोंदू दनादन थालियां साफ करता जा रहा है और राम चरन को पकड़ा रहा है। खूब धन बरस रहा है। कालू नोटों से भरी दोनों जेबों को देख कर भी खुश नहीं हुआ है। रीती-रीती निगाहों से कालू ने खाली-खाली आसमान को देखा...
by Major Krapal Verma | Dec 29, 2023 | राम चरण
“गाड़ी लग गई है, साहब!” ड्योढ़ी से आ कर दरबान ने सूचना दी थी। ढोलू सराय पर शाम ढल रही थी। बड़ा ही खूबसूरत मौसम था। सूरज किले के पीछे जा छुपा था। सुखद पुरवइया छूट गया था। आसमान ललोंही विभा से भरा तना खड़ा था। इंद्राणी और सुंदरी मंदिर जा रही थीं। इंद्राणी का...