राम चरन भाग छियालीस

राम चरन भाग छियालीस

नए भारत के निर्माण की हवा आज राष्ट्रपति भवन में आजादी से डोल फिर रही थी। चुनावों में अभूतपूर्व विजय हासिल करने के बाद आज सब नया-नया लग रहा था। लोग नए थे, इरादे नए थे, हवा नई थी और शपथ ग्रहण का आयोजन भी नया था। स्वयं कुंवर खम्मन सिंह ढोलू आज नए नूतन इरादों से लबालब भरे...
राम चरन भाग छियालीस

राम चरन भाग पैंतालीस

कुंवर खम्मन सिंह ढोलू ने महसूसा था कि आज हिंदू राष्ट्र का राजा छोटूमल ढोलू का सपना फिर से लौट कर देश के द्वार पर आ खड़ा हुआ था। “इट्स कम्यूनल!” नेहरू ने चीखते हुए राजा छोटूमल ढोलू को ललकारा था। “हिन्दू राष्ट्र से मतलब ..?” वह प्रश्न पूछ रहे थे।...
राम चरन भाग छियालीस

राम चरन भाग चवालीस

बिना राम चरन के कालू की जंग कठिन हो गई थी। ढोलू शिव का मेला भरा था। अपार भीड़ थी। ग्राहकों की लाइन ही न टूटती थी। बिना राम चरन के कालू ही सारा काम संभालता। हां, भोंदू भी साथ था लेकिन राम चरन की तो बात ही और थी। कालू ने महसूसा था कि अंजाने में उसने भी देख-देख कर ही राम...