by Major Krapal Verma | Feb 16, 2024 | राम चरण
पहली बार ही राम चरन ने पंडित कमल किशोर को इतना हैरान परेशान देखा था। “क्या हुआ गुरु जी?” राम चरन ने बड़े ही आत्मीय ढंग से पूछा था। “खैरियत तो है?” उसने जानना चाहा था। पंडित कमल किशोर चुप थे। कुछ बोल ही न पा रहे थे। एक सदमा उनके चेहरे पर...
by Major Krapal Verma | Feb 8, 2024 | राम चरण
“जन्मेजय को तो नहीं बताया?” कुंवर साहब का पहला प्रश्न था और पहला शक था। “नहीं!” इंद्राणी ने डरते-डरते कहा था। “क्या इसी लिए तुमने जन्मेजय को बुलाया था?” “हां!” “गुड!” कुंवर साहब को तनिक सा सहारा मिला था।...
by Major Krapal Verma | Feb 4, 2024 | राम चरण
रात के सन्नाटे में ढोलू सराय का किला सजग प्रहारी सा अटल खड़ा था। किले ने अनगिनत आक्रमणकारियों को आते जाते देखा था। युद्ध लड़े गए थे। जीते गए थे। हारे गए थे। लेकिन ढोलू वंश अभी तक सुरक्षित था। कुंवर साहब का देश का कृषि मंत्री बनना एक गौरवपूर्ण घटना थी। ढोलू वंश के महा...