by Major Krapal Verma | Apr 15, 2024 | राम चरण
सोमवार की होने वाली गोष्ठी के बारे सुमेद सोच नहीं पा रहा था कि कौन से विचार को आगे बढ़ाए? सहसा उसे ध्यान आया था कि क्यों न संघमित्रा को भी शामिल कर लिया जाए। पता तो चले कि वह क्या ध्येय, उद्देश्य और जिंदगी से कौन से सरोकार पा जाना चाहती थी। “सुमेद! ये कौन सी...
by Major Krapal Verma | Apr 14, 2024 | राम चरण
प्रातः काल की बेला थी। कृष्णा सागर आंदोलित था। सुमेद और संघमित्रा सागर किनारे आ बैठे थे। इस परम एकांत में वो दोनों भी कृष्णा सागर की तरह ही आंदोलित हो उठे थे। बचपन की यादों ने दोनों को सागर की लहरों की तरह झकझोर कर रख दिया था। दोनों साथ-साथ खेले थे। दोनों आपस में खूब...
by Major Krapal Verma | Apr 13, 2024 | राम चरण
“आप से कोई कन्या मिलने आई है।” क्रांति वीर आश्रम हैदराबाद में नई क्रांति लाने के उपक्रम में व्यस्त सुमेद को सूचना मिली थी। सुमेद चौंका था। उसे दाल में कुछ काला दिखा था। उसे लगा था कि अब उसके मिशन को फेल करने के लिए कोई था जो चाल चल रहा था। कोई चाह रहा था...