मंजू के पास जो खबर उड़ कर आई थी उसे सुनकर वो स्वयं दहला उठी थी। सरोज सेठानी शैतान थी – मंजू को अब विश्वास होने लगा था। जो सादगी और सेवा का चोला उसने आश्रम में आ कर ओढ़ लिया था – मिथ्या था।…