“ओ मइया!” जैसे ही श्रावणी मां उदय हुई थी मंजू की आह निकल गई थी। “इसे सजा दिया ..?” उसने आश्चर्य जताया था। “मरने मरने को थी जब आई थी। बचा लिया था स्वामी जी ने।” गुलाबी को याद आ रहा था।…