वंशी बाबू को अपने परास्त हुए मन प्राण में तनिक सी जान लौट आई लगी थी। पुलिस को बुलाओ – यह स्वामी जी की दहाड़ अभी तक उनके कानों में गूंज रही थी। आज पहली बार उन्होंने स्वामी जी का रौद्र रूप दे…