रात ढलती आ रही थी। आसमान पर चांद उग आया था। चंद्रप्रभा में नाचती चांद की तस्वीर हम दोनों से ठिठोली कर रही थी। ज्यों-ज्यों जीवन के रहस्य हमारे सामने उजागर हो रहे थे त्यों-त्यों हम दोनों बौखलाते जा र…