कालू की आज छुट्टी थी। लेकिन राम चरन को मरने तक की फुरसत न थी। आज शिव चौदस थी। मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी थी। पूजा पाठ चल रहा था। शिव पर लोग दूध चढ़ा रहे थे, बेल पत्र अर्पण कर र…