लाख कोशिश करने के बाद भी राम चरन सुंदरी को भूल नहीं पा रहा था। “तू पागल है साला!” राम चरन के कानों ने जानी पहचानी आवाज सुनी थी। “ये फंसेगा जाल में!” दूसरी आवाज भी हूबहू वही थी।…