प्रातः काल की बेला थी। कृष्णा सागर आंदोलित था। सुमेद और संघमित्रा सागर किनारे आ बैठे थे। इस परम एकांत में वो दोनों भी कृष्णा सागर की तरह ही आंदोलित हो उठे थे …