आज इतवार था। फिर भी राम चरन की नींद जल्दी खुल गई थी। सुंदरी ने तो ग्यारह बजे तक सोना था। भाभी जी की पूजा की जलती अगर बत्तियों की महक आ रही थी। राम चरन को याद थ …