खुली खिड़की के पास बैठा मुनीर खान जलाल सूने आसमान पर लिखी अपनी किस्मत की इबारत को गौर से पढ़ रहा था। वो तीनों जिगरी दोस्त थे। वो तीनों तीस मार खान थे। उन त …