जिंदगी में आज पहली बार था जब बलूच पूरी रात सो न पाया था। ब्रिगेडियर मुस्तफा को गहरी नींद में सोते देखता ही रहा था – बलूच। लेकिन क्या मजाल जो पलकें बंद हों …