राम चरन ने जनरल फ्रामरोज को सुझाव दिया कि किसानों को सैनिकों जैसी सुविधाएं दी जाएं, जिससे चुनाव से पहले कुंवर साहब को प्रधानमंत्री बनाने में मदद मिले। संवाद के दौरान किसानों और सैनिकों की स्थिति पर बहस होती है। जनरल अंत में कहते हैं कि वह इस पर रोजी से बात करेंगे, जबकि राम चरन की टिप्पणी रोजी को खल जाती है।