राम चरन चुनाव के कारण बेटे श्याम चरन का जन्मदिन साधारण तरीके से मनाना चाहता है, जिससे पत्नी सुंदरी नाराज़ होती है। आठ और नौ दिसंबर के लिए राम चरन की खतरनाक योजना सामने आती है, जिसमें लोगों की हत्या और भागने का प्लान है, ताकि वह अपने सपनों को पूरा कर सके।