सोफी ने अलमारी के मुंह पर फिर से ताला जड़ दिया है। उसने विगत आगत सब को फिर से उसके भीतर बंद कर दिया है। अब उसका मन प्राण एक दोहरी प्रक्रिया से गुजर रहा है। जहा …