by Major Krapal Verma | Mar 24, 2024 | राम चरण
चिराग ऑडीटोरियम मुनीर खान जलाल जैसे ही आगंतुकों से खचाखच भरा था। दुनिया के हर कोने से खलीफाओं के नुमाइंदे पधारे थे। उन सब का एक ही उद्देश्य था – जिहादी इस्लाम! उस अंतिम जिहाद की रूपरेखा तय होनी थी जिसके बाद दुनिया में इस्लाम के सिवा और कोई धर्म न बचेगा। अचानक...
by Major Krapal Verma | Mar 23, 2024 | राम चरण
शगुफ्ता सोलंकी के लिए मुनीर खान जलाल एक कटी पतंग था। वह उसके बारे में उससे ज्यादा जानती थी। वह जानती थी कि सलमा मर चुकी थी और सुंदरी उसकी पत्नी नहीं एक प्लॉय थी। उसे पूरा-पूरा अनुमान था कि इस मिशन के पूरे होते ही मुनीर सत्ता के वो सोपान चढ़ेगा जिसका कोई हिसाब नहीं था।...
by Major Krapal Verma | Mar 22, 2024 | राम चरण
रूमी, शगुफ्ता सोलंकी और मंजूर अहमद इन तीनों के बीच अकेला स्टूडेंट था मुनीर खान जलाल, जिसे इन तीनों ने मिल कर राम चरन बनाया था। “आप को भूलना पड़ेगा कि आप इतने सीनियर ऑफीसर हो और मैं एक मामूली ट्रेनर हूँ।” रूमी ने जा कहा था आज एडमिरल मुनीर खान जलाल को सुनाई...
by Major Krapal Verma | Mar 20, 2024 | राम चरण
दुबई हवाई अड्डे पर प्लेन से उतरा था राम चरन और एक इशारा पा कर ओट में खड़े उस चार्टर्ड प्लेन में आ बैठा था। तब उसने खिड़की पर चढ़ते मंजूर अहमद को देख लिया था। उसी के पीछे-पीछे शगुफ्ता सोलंकी भी चढ़ कर चली आई थी। उन दोनों ने एक साथ राम चरन को देखा था और हाथ मिलाए थे।...
by Major Krapal Verma | Mar 19, 2024 | राम चरण
“दुबई इज सेकेंड होम ऑफ अस इंडियंस!” राम चरन दुबई जा रहा था तो सुंदरी को उसके बारे में बता रहा था। “हर कोई छोटा हो या बड़ा हो, अमीर हो या गरीब हो और चाहे टुच्चा हो या लुच्चा हो दुबई भाग रहा है।” हंस रहा था राम चरन। “तुम मानोगी नहीं सुंदा...
by Major Krapal Verma | Mar 18, 2024 | राम चरण
ढोलू एनक्लेव के एक नंबर बंगले के सामने कार रुकी थी। कार के सामने जो व्यक्ति खड़ा था उसे देख कर पंडित कमल किशोर दंग रह गए थे। “प्रहलाद तुम ..?” पंडित कमल किशोर ने उस व्यक्ति को गहक कर बांहों में भर लिया था। “आज – यहां .. इतने दिनों बाद ..”...