राम चरन भाग बावन

राम चरन भाग बावन

“कुंवर साहब ने बुलाया है!” पंडित जी का संदेश था। “गाड़ी आई है। चले जाओ!” राम चरन के प्राण सूख गए थे। वह तो जानता था कि कुंवर साहब ने उसे क्यों बुलाया था। वह यह भी जानता था कि कुंवर साहब आज देश की हस्तियों में से एक थे। वो राजा थे। वो जन...
राम चरन भाग बावन

राम चरन भाग इक्यावन

कुंवर खम्मन सिंह ढोलू, उनकी पत्नी इंद्राणी और साला जन्मेजय – तीनों साथ-साथ बैठे थे लेकिन तीनों के तीन दिमागों में मुसीबत एक थी – सुंदरी! जन्मेजय जानता था कि सुंदरी आधी रियासत की मालिक थी। “ये इज्जत का सवाल है!” इंद्राणी ने धीमे स्वर में कहा था।...
राम चरन भाग बावन

राम चरन भाग पचास

आज पहली बार था जब राम चरन को सुंदरी की परम आवश्यकता थी। चांद – लगा था चकोरी के प्यार में पागल हो गया था। “तुम हो कहां सुंदा?” राम चरन ने फोन पर गुहार लगाई थी। “मैं .. मैं – आई मिस यू भाई!” उसने शिकायत की थी। सुंदरी का मन मयूर नाच...
राम चरन भाग बावन

राम चरन भाग उनचास

पहली बार ही राम चरन ने पंडित कमल किशोर को इतना हैरान परेशान देखा था। “क्या हुआ गुरु जी?” राम चरन ने बड़े ही आत्मीय ढंग से पूछा था। “खैरियत तो है?” उसने जानना चाहा था। पंडित कमल किशोर चुप थे। कुछ बोल ही न पा रहे थे। एक सदमा उनके चेहरे पर...
राम चरन भाग बावन

राम चरन भाग अड़तालीस

“जन्मेजय को तो नहीं बताया?” कुंवर साहब का पहला प्रश्न था और पहला शक था। “नहीं!” इंद्राणी ने डरते-डरते कहा था। “क्या इसी लिए तुमने जन्मेजय को बुलाया था?” “हां!” “गुड!” कुंवर साहब को तनिक सा सहारा मिला था।...