राम चरन भाग इकसठ

राम चरन भाग इकसठ

कालू सूनी-सूनी निगाहों से सामने पसरे खाली मैदान को एक टक देख रहा था। मद्दी चल रही थी। कोई गहमागहमी न थी। किसी तरह की मारा-मारी भी न थी। ग्राहकों का अकाल पड़ रहा था। भोंदू खाली बैठा ऊंघ रहा था। कालू ही था जिसकी आंखों में नींद नहीं चिंता डोल रही थी। कई बार सोचा था कि...
राम चरन भाग इकसठ

राम चरन भाग साठ

सुनहरी लेक कॉम्पलैक्स के आलीशान ऑफिस में राम चरन अकेला बैठा था। ऑफिस एक दम मॉडर्न बना था। व्यापार की हर सुख सुविधा का ध्यान रख कर ही ऑफिस तैयार हुआ था। ऑफिस के बोर्ड पर सुनहरी लेक कॉम्पलैक्स का नक्शा टंगा था। राम चरन को नजर उठाते ही सब कुछ दिखाई दे जाता था। बाहर...
राम चरन भाग इकसठ

राम चरन भाग उनसठ

आने वाले इतवार को सुनहरी लेक कॉम्पलैक्स के उद्घाटन होने की उद्घोषणा हुई थी। समारोह को संपन्न करने की जिम्मेदारी सुंदरी और राम चरन की थी। इंद्राणी ने चीफ गैस्ट होना था, तो कुंवर साहब की उपस्थिति अनिवार्य थी। बाकी सब तो फेमस और डाई हार्ड आने थे। मुख्यतया तो कैपिटलिस्ट,...