राम चरन भाग सत्तर

राम चरन भाग सत्तर

“नहीं! श्याम चरन नहीं सुंदा!” राम चरन के स्वर बड़े ही कोमल थे। “बेटे का नाम रक्खेंगे शिव चरन!” वह मुसकुराया था। “ढोलू शिव की कृपा है जो हमें पुत्र रत्न प्राप्त हो रहा है।” वह गंभीर था। “शिव का सुमन शिव को अर्पित करते...
राम चरन भाग सत्तर

राम चरन भाग उनहत्तर

“इन्हीं की कृपा से हम सी एम की कुर्सी पर बैठे हैं राजा साहब!” यू पी के चीफ मिनिस्टर प्रभाकर पारस विहंस कर बता रहे थे। “लियाकत मियां बड़े ही मिलनसार मनुष्य हैं!” उन्होंने लियाकत मियां को स्नेह सिक्त निगाहों से देखा था। “ये हमारी समता...
राम चरन भाग सत्तर

राम चरन भाग अड़सठ

राम चरन लियाकत मियां के साथ उनकी बग्गी में बैठ लखनऊ शहर की सैर पर निकला था। आज पहला मौका था जब राम चरन अपनी खोजी निगाहें पसार स्वयं ही देख लेना चाहता था कि यहां इस्लाम के उत्कर्ष की क्या संभावना थी? लखनऊ शहर उत्तर प्रदेश की राजधानी था और कभी इस्लामी सभ्यता का प्रतीक...