राम चरन भाग एक सौ तीस

राम चरन भाग एक सौ तीस

मुनीर खान जलाल का मन आज उड़ते हवाई जहाज के आगे-आगे उड़ रहा था। उसे उम्मीद थी – सोलहों आने उम्मीद थी कि उसका खलीफात में शामिल होना अब निश्चित था। ढोलू शिव का खजाना अब उसका खजाना था। और पूरा हिन्दुस्तान अब सी के नाम लिखा जाना था। फिर हैदराबाद उसकी नई नवेली राजधानी...
राम चरन भाग एक सौ तीस

राम चरन भाग एक सौ उनतीस

इस्लामिक स्टेट के दूसरे सम्मेलन में शरीक होने का संदेश आन पहुंचा था। पहली बार ही था – यस-यस पहली बार कि जब खलीफा बनने का ख्वाब मुनीर खान जलाल के जेहन में बिजली की तरह कौंध गया था। “असंभव तो नहीं है?” आज मुनीर खान जलाल ने बड़े ही आत्म विश्वास के साथ...
राम चरन भाग एक सौ तीस

राम चरन भाग एक सौ अट्ठाईस

“गुड माॅर्निंग!” जनरल फ्रामरोज का फोन था। “गुड माॅर्निंग सर!” राम चरन संभल गया था। “इतनी जल्दी! खैरियत तो है?” “खुशखबरी है।” जनरल फ्रामरोज ने सूचना दी थी। “सात नम्बर आ जाओ!” उनका आग्रह था। “नाश्ता...