by Major Krapal Verma | Dec 2, 2025 | स्वामी अनेकानंद
चुनावों का भूत बंबई शहर पर बुखार की तरह चढ़ बैठा था। वोटरों की पूछ होने लगी थी। उनकी सुख दुख की चिंता भावी चुनाव प्रत्याशियों को सताने लगी थी। उनकी जरूरतें भी अचानक प्रत्याशियों को याद आने लगी थीं। उन्हें क्या कुछ चाहिए था – उजाले की तरह आलोकित हो उठा था। अचानक...
by Major Krapal Verma | Nov 29, 2025 | स्वामी अनेकानंद
“पर्ची!” कल्लू अचानक ही आनंद के कमरे में घुस आया था। उसने डाक खाने से लाई पर्ची को आनंद की आंखों के सामने तान दिया था। आनंद को मां और बिल्लू भूली याद की तरह स्मरण हो आए थे। वो जानता था कि वो दोनों उसके भेजे पैसों की आस में जी रहे थे। “एक हजार...
by Major Krapal Verma | Nov 29, 2025 | स्वामी अनेकानंद
माधव मोची सफेद परिधान में सजा वजा स्वामी अनेकानंद के सामने संस्कार प्राप्त करने आ बैठा था। पांच सितारा होटल – मानस माधव इंटरनैशनल भीड़ से खचाखच भरा था। लोग जिज्ञासु थे ये जानने के लिए कि आखिर स्वामी माधव मोची के बारे क्या भविष्य वाणी करने वाले थे। माधव मोची...