by Major Krapal Verma | Feb 4, 2026 | स्वामी अनेकानंद
हिरन गोठी के जन कल्याण आश्रम में जन्माष्टमी का उत्सव जोर शोर से मनाया जाने वाला था। एक सप्ताह का प्रोग्राम था। स्वामी अनेकानंद इस महान उत्सव के अवसर पर होटल माधव मानस इंटरनेशनल से उठ कर आश्रम में बने अपने पर्ण कुटीर में पधारेंगे की घोषणा भी हो चुकी थी। उनका प्रोग्राम...
by Major Krapal Verma | Feb 3, 2026 | स्वामी अनेकानंद
सतत प्रयत्न करने के बाद भी मानस प्रतिष्ठा की बंबई लौटने की जिद को तोड़ नहीं पाया था। राधू रंगीला निठल्ला बैठा गूलर खा रहा था तो पूरा हुस्न परी फिल्म का क्रू मातम मना रहा था। चलता काम रुक गया था। राधू की रिद्म टूट रही थी। वह बेकल हुआ बैठा था। “अगर तुम बंबई चली...
by Major Krapal Verma | Feb 3, 2026 | स्वामी अनेकानंद
प्रतिष्ठा ने पहली बार अपनी मां सीता देवी को यों बिफर कर रोते सुना था। खून सूख गया था प्रतिष्ठा का। ऐसी कौन सी मजबूरी आन पड़ी थी और कौन कारण हो सकता था कि मां यों हिलकियां ले-ले कर रो पड़ी थीं। ऐसा क्या था कि बाबू जी का आभा मंडल उन्हें बचा न पा रहा था। वो कौन था जो...