स्वामी अनेकानंद भाग 39

स्वामी अनेकानंद भाग 39

हिरन गोठी की बारह एकड़ जमीन का पट्टा जन कल्याण आश्रम के नाम लिख गया था। जमीन के बीचों बीच खडे होकर राम लाल ने उसके विस्तार को बड़े चाव से आंखों में समेट लिया था। जीवन का यह पहला पल था जब वह जमीन से जुड़ा था। किस तरह उसने अपनी पहली कमाई बर्फी के नाम लिख दी थी –...
स्वामी अनेकानंद भाग 39

स्वामी अनेकानंद भाग 38

“मानस!” मग्गू ने कठिनाई से नाम ले कर अपने इकलौते बेटे को पुकारा था। घोर निराशा ने उसे चहुं ओर से घेर लिया था। फिर मग्गू को एहसास हुआ था कि मानस तो लंदन में था। वो तो अपनी फिल्म बना रहा था। उसे चुनावों से कोई लगाव न था। वह बीमार था – उसे तो इस बात की...
स्वामी अनेकानंद भाग 39

स्वामी अनेकानंद भाग 37

लंदन के ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी में शूटिंग के लिए पहले दिन पहुंचे थे तो प्रतिष्ठा और मानस दोनों नर्वस थे। अगर कोई होश में था तो वो था राधू रंगीला। फिल्म की कहानी राधू रंगीला के सिवा किसी को पता नहीं थी। वह चाहता नहीं था कि फिल्म की कहानी रिलीज होने से पहले किसी को पता...