by Major Krapal Verma | Feb 8, 2026 | स्वामी अनेकानंद
राधू रंगीला की हुस्न परी फिल्म की पूरी टीम मनाली पहुंच गई थी। मनाली का मौसम बहुत ही खूबसूरत हो गया था। बर्फबारी, बारिश और हड्डियां कंपाने वाली सर्दी के जाने के बाद वहां फिर से स्वर्ग बस गया था। आसमान भक्क नीला निखर आया था। हवा बड़ी ही नरम और सुगम थी। चारों ओर के नए वन...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
अचानक ही विभूति मकीन को एक शक ने आ घेरा था। वह भारत आई थी किसी पहुंचे हुए तपस्वी की तलाश में जो हर प्रकार के रोग भोग ठीक करता था और बदले में कुछ न लेता था। एक ऐसे स्वामी की कल्पना उसके मन में आई थी जो हिमालय की कंदराओं में तप करके लौटा था और अब जन कल्याण के काम में...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
प्रतिष्ठा लौटी थी बंबई तो सीता देवी उसे बांहों में भर कर खूब रोई थीं। बहुत देर तक रोती रही थीं। एक बेटा न होने का गम उन्हें खाए जा रहा था। वह जानती थीं कि बबलू के मुकाबले प्रतिष्ठा टिक न पाएगी। चुनावी दर्पण में उन्हें अपनी हार साफ-साफ दिख रही थी। “जाने दो...