by Major Krapal Verma | Nov 29, 2025 | स्वामी अनेकानंद
“पर्ची!” कल्लू अचानक ही आनंद के कमरे में घुस आया था। उसने डाक खाने से लाई पर्ची को आनंद की आंखों के सामने तान दिया था। आनंद को मां और बिल्लू भूली याद की तरह स्मरण हो आए थे। वो जानता था कि वो दोनों उसके भेजे पैसों की आस में जी रहे थे। “एक हजार...
by Major Krapal Verma | Nov 29, 2025 | स्वामी अनेकानंद
माधव मोची सफेद परिधान में सजा वजा स्वामी अनेकानंद के सामने संस्कार प्राप्त करने आ बैठा था। पांच सितारा होटल – मानस माधव इंटरनैशनल भीड़ से खचाखच भरा था। लोग जिज्ञासु थे ये जानने के लिए कि आखिर स्वामी माधव मोची के बारे क्या भविष्य वाणी करने वाले थे। माधव मोची...
by Major Krapal Verma | Nov 12, 2025 | स्वामी अनेकानंद
बंगले के द्वार पर पड़े अखबार को बर्फी ने बे मन एक बेगार मानते हुए उठाया था। आनंद के जाने के बाद अब वहां कौन था जिसे अंग्रेजी का अखबार पढ़ना था। लेकिन अखबार लगा लिया था तो अब रोज आ रहा था। बर्फी ने अखबार को बंद करने का निर्णय ले लिया था। लेकिन जैसे ही उसकी निगाह अखबार...