by Major Krapal Verma | Dec 22, 2025 | स्वामी अनेकानंद
“मानस!” मग्गू ने कठिनाई से नाम ले कर अपने इकलौते बेटे को पुकारा था। घोर निराशा ने उसे चहुं ओर से घेर लिया था। फिर मग्गू को एहसास हुआ था कि मानस तो लंदन में था। वो तो अपनी फिल्म बना रहा था। उसे चुनावों से कोई लगाव न था। वह बीमार था – उसे तो इस बात की...
by Major Krapal Verma | Dec 22, 2025 | स्वामी अनेकानंद
लंदन के ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी में शूटिंग के लिए पहले दिन पहुंचे थे तो प्रतिष्ठा और मानस दोनों नर्वस थे। अगर कोई होश में था तो वो था राधू रंगीला। फिल्म की कहानी राधू रंगीला के सिवा किसी को पता नहीं थी। वह चाहता नहीं था कि फिल्म की कहानी रिलीज होने से पहले किसी को पता...
by Major Krapal Verma | Dec 20, 2025 | स्वामी अनेकानंद
राम लाल की अगली स्कीम तैयार थी। “बहुत हुआ होटल में कल्लू।” राम लाल ने कल्लू को चेताया था। “इससे पहले कि हमें ये मग्गू यहां से धक्के मार कर निकाले, हमें …” “चौड़े में कहां जाएंगे गुरु?” कल्लू ने चिंता जाहिर की थी। “बंबई...