by Major Krapal Verma | Feb 12, 2026 | स्वामी अनेकानंद
अखबारों में खबर छपी थी – मोहन मकीन बीमार अमेरिकन खरब पति की बेटी विभूति मकीन जन कल्याण आश्रम का निर्माण हिरन गोठी बंबई के परिसर में करा रही हैं। निर्माण के लिए टीम अमेरिका से आई है। निर्माण अनोखा होगा। उद्घाटन के लिए सी एम साहब से निवेदन किया गया है। उनका स्वागत...
by Major Krapal Verma | Feb 8, 2026 | स्वामी अनेकानंद
राधू रंगीला की हुस्न परी फिल्म की पूरी टीम मनाली पहुंच गई थी। मनाली का मौसम बहुत ही खूबसूरत हो गया था। बर्फबारी, बारिश और हड्डियां कंपाने वाली सर्दी के जाने के बाद वहां फिर से स्वर्ग बस गया था। आसमान भक्क नीला निखर आया था। हवा बड़ी ही नरम और सुगम थी। चारों ओर के नए वन...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
अचानक ही विभूति मकीन को एक शक ने आ घेरा था। वह भारत आई थी किसी पहुंचे हुए तपस्वी की तलाश में जो हर प्रकार के रोग भोग ठीक करता था और बदले में कुछ न लेता था। एक ऐसे स्वामी की कल्पना उसके मन में आई थी जो हिमालय की कंदराओं में तप करके लौटा था और अब जन कल्याण के काम में...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
प्रतिष्ठा लौटी थी बंबई तो सीता देवी उसे बांहों में भर कर खूब रोई थीं। बहुत देर तक रोती रही थीं। एक बेटा न होने का गम उन्हें खाए जा रहा था। वह जानती थीं कि बबलू के मुकाबले प्रतिष्ठा टिक न पाएगी। चुनावी दर्पण में उन्हें अपनी हार साफ-साफ दिख रही थी। “जाने दो...
by Major Krapal Verma | Feb 5, 2026 | स्वामी अनेकानंद
बंबई के क्षितिज पर नारी शक्ति का नया-नया सूरज उग आया था। बबलू और पल्लवी ने नारी शक्ति अभियान को जान लड़ा कर चलाया था। उन्हें विश्वास था कि अगर नारी शक्ति अभियान जड़ें पकड़ गया तो पार्टी का कल्याण हो जाना था। नारी समाज का सही मायनों में आधा हिस्सा थी। अगर नारी समाज...
by Major Krapal Verma | Feb 5, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“हुआ क्या है स्वामी जी?” विभूति मकीन ने फिर से प्रश्न पूछना आरंभ किया था। “जंग हारे हैं।” स्वामी अनेकानंद ने विहंस कर उत्तर दिया था। “कैसी जंग? कौन सी जंग?” विभूति को लगा था कि स्वामी कुछ छुपा रहे थे। “जीवन की जंग में बुरी तरह...