स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 46

बंबई के क्षितिज पर नारी शक्ति का नया-नया सूरज उग आया था। बबलू और पल्लवी ने नारी शक्ति अभियान को जान लड़ा कर चलाया था। उन्हें विश्वास था कि अगर नारी शक्ति अभियान जड़ें पकड़ गया तो पार्टी का कल्याण हो जाना था। नारी समाज का सही मायनों में आधा हिस्सा थी। अगर नारी समाज...
स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 45

“हुआ क्या है स्वामी जी?” विभूति मकीन ने फिर से प्रश्न पूछना आरंभ किया था। “जंग हारे हैं।” स्वामी अनेकानंद ने विहंस कर उत्तर दिया था। “कैसी जंग? कौन सी जंग?” विभूति को लगा था कि स्वामी कुछ छुपा रहे थे। “जीवन की जंग में बुरी तरह...
स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 44

“आर यू द स्वामी?” पर्ण कुटीर में घुसते ही विभूति मकीन ने जब आनंद को देखा था तो चौंक पड़ी थी। विभूति मकीन बीमार मोहन मकीन की इकलौती बेटी थी। विभूति मकीन स्वामी अनेकानंद का नाम सुन कर अमेरिका से भारत आई थी। उसे कहा गया था कि अब मोहन मकीन किसी चमत्कार के तहत...
स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 43

हिरन गोठी के जन कल्याण आश्रम में जन्माष्टमी का उत्सव जोर शोर से मनाया जाने वाला था। एक सप्ताह का प्रोग्राम था। स्वामी अनेकानंद इस महान उत्सव के अवसर पर होटल माधव मानस इंटरनेशनल से उठ कर आश्रम में बने अपने पर्ण कुटीर में पधारेंगे की घोषणा भी हो चुकी थी। उनका प्रोग्राम...
स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 42

सतत प्रयत्न करने के बाद भी मानस प्रतिष्ठा की बंबई लौटने की जिद को तोड़ नहीं पाया था। राधू रंगीला निठल्ला बैठा गूलर खा रहा था तो पूरा हुस्न परी फिल्म का क्रू मातम मना रहा था। चलता काम रुक गया था। राधू की रिद्म टूट रही थी। वह बेकल हुआ बैठा था। “अगर तुम बंबई चली...
स्वामी अनेकानंद भाग 46

स्वामी अनेकानंद भाग 41

प्रतिष्ठा ने पहली बार अपनी मां सीता देवी को यों बिफर कर रोते सुना था। खून सूख गया था प्रतिष्ठा का। ऐसी कौन सी मजबूरी आन पड़ी थी और कौन कारण हो सकता था कि मां यों हिलकियां ले-ले कर रो पड़ी थीं। ऐसा क्या था कि बाबू जी का आभा मंडल उन्हें बचा न पा रहा था। वो कौन था जो...