आओ मिलकर दिया जलायें,
आओ श्रद्धा सुमन चढायें,
दो पल उन को भी दें दान
देशधर्म की बलिवेदी पर,
जिनने अर्पण कर दी जान ||1
जिसने कभी न सोंचा कुछ भी,
देश रक्षा निज कंधों पर ही,
सीने पर रख कर ज्वालायें
जो सो गए पुण्य राहों में
उनको हम एक दीप जलायें
आओ मिलकर दिया जलायें
आओ श्रद्धा सुमन चढायें ||2
~कुमार गौरव