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ये देश -प्रेम ही तो मेरा प्राण है ?

नरेन्द्र मोदी

महान पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा !

भोर का तारा- नरेन्द्र मोदी .

उपन्यास -अंश:-

देख रहे हैं,आप …? कैसा जुल्म है …कैसा अत्याचार है …और कैसा अमंगल है …जो इस प्रश्न के साथ जुड़ा है …? दो-धारी तलवार है – ये प्रश्न ….! क्या उत्तर दूं , आप ही बताईए ….?

चलो ! इस प्रश्न को भी हम अनुत्तरित छोड़ देते हैं ….!!

“तुम्हारा ये निःस्वार्थ सेवा-भाव ही श्रेष्ठ गुण है , नरेन्द्र ! ” मैं अचानक गुरु जी की आवाजें सुनने लगा हूँ . “अगर तुमने इसे आत्मसात कर लिया , पुत्र ….तो ….तुम ….” उन्होंने मुझे देखा था . कुछ सोचा था . “महान पुरुषों के लक्षण हैं, ये -जो तुम्हारे अंदर विद्यमान हैं ! परमात्मा जानता है ….उत्तर तो ….” हंस पड़े थे , गुरु जी .

और आप सच मानें …कि मैंने अपने इस ‘सेवा-भाव’ को आज तक डूबने नहीं दिया है !!

जब भी ….जिस ने भी …मुझे पुकारा …बुलाया …सहायता मांगी ….मैंने निःस्वार्थ भाव से …उस का ही साथ दिया …सहारा दिया …और …वो किया जो मैं कर सकता था …! क्या उम्र थी मेरी जब मैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में आया था …? हाँ,हाँ ! उम्र से बड़े अपने इरादों के साथ मैंने ..सेवा की …काम किया ….और अपना दायित्व निभाया ….!!

तीस साल से लगातार मैं ..संघ में जी-जांन से काम करता आ रहा हूँ ….और …आज अडवानी जी ….अटल जी …और संघ – जिस ऊंचाई पर खड़ा है , उस के नीचे आज भी मेरा कन्धा अडा है …? कहीं मैं इन्हें अपने कन्धों पर उठाए खड़ा हूँ ! थका नहीं हूँ …हारा भी नहीं हूँ ….और अभी भी आगे बढ़ने की उमंग को धारण कर प्रगति-पथ पर अग्रसर होने को तैयार हूँ ….!!

क्या था – गुजरात में -संघ के आने से पहले …? कांग्रेस का राज था . राज्य बुरे हाल में था . हिन्दू-मुसलमानों के दंगों के लिए प्रसिद्ध था ! लोगों की लूट हो रही थी . प्रदेश के राजनेता अपने-अपने घराने बना कर …बैठ गए थे ! तब मैंने अमित को साथ ले कर …अपने इस गुजरात प्रदेश को खुश हाल बनाने का काम आरंभ किया था !

अडवानी जी के चुनावों में ..गाँधी नगर में डेरा डाल कर …हम दोनों ने इन्हें चुनाव जिताया था ! फिर हमने गुजरात के गाँव-गाँव जा-जा कर …अलख जगाया था और केशू भाई पटेल को भारी बहुमत से जिताया था ! ये गुजरात के लिए ही नहीं …पूरे देश के लिए एक आश्चर्य था ? अडवानी जी और अटल जी ने भी हमें इस के लिए आशीर्वाद दिया था ! मुझे जब गुजरात मिला था तो …पूरा-का-पूरा प्रदेश भू-कंप की मार से काँप रहा था …अस्त-व्यस्त था …!! लेकिन मैंने रात-दिन मेहनत कर ….लोगों के आंसू पौंछ दिए थे ….?

आईये चलते हैं – गुजरात …! आप स्वयं देखिए कि …आज का गुजरात ….पूरे विश्व में चर्चित गुजरात ….है क्या ….है क्यों ….?

ये देखिए – एशिया का पहला सौर्य -ऊर्जा पार्क ! नौ हज़ार करोड़ के निवेश से …बना है ये – १६०५ मेगा वाट बिजली का उत्पादन करने वाला संयत्र ! उधर देखिए – कच्छ का रेगिस्तान – आज विश्व के लोगों को बुला रहा है …? आर्थिक विकास के लिए गुजरात ने ‘सिंगल-विंडो’ पालिसी को अपना कर …देश-विदेश के उद्योग पतियों को …रिन्झाया है …बुलाया है ! गुजरात की प्रत्येक ग्राम- पंचायत इंटर -नेट से जुडी है ! हम ने १३६९३ ग्राम-केन्द्रों का निर्माण किया है . गुजरात भ्रष्टाचार मुक्त है ! कानून व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त है !!

सत्यापन के लिए मेरे पास ठोस प्रमाण हैं – देखिए …..

“गुजरात के मुख्य मंत्री मोदी द्वारा प्रचारित ‘विकास’ के मांडल पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए ! मोदी की आर्थिक नीतियों से गुजरात को बहुत फायदा हुआ है !” ये कह रहे हैं आई सी आई सी आई के चेयरमैन के वी कामथ !

“गुजरात से सीख ली जा सकती है !” ये कह रहे हैं नावेल पुरस्कार विजेता – अमर्त्य सैन !

“देश का युवा भ्रष्टाचार …और मंहगाई से परेशान है ! मोदी ने अपनी कार्य-शैली से ही इसे नियंत्रित कर दिया है !” लिखते हैं – राजनैतिक विश्लेषक – एस-एस बैक्टेश !

“आज के समय में अगर आप गुजरात में निवेश नहीं करते …तो आप मूर्ख हैं !” उद्योग पति रतन टाटा का बयान !

“नरेन्द्र मोदी ‘किंगस आफ …गवर्नेंस ‘ हैं !” ये लिखते हैं – अमेरिकन थिंक टेंक !

और भी पढ़िए –

“देश के युवाओं के लिए – नरेन्द्र मोदी प्रेरणा -श्रोत बन चुके हैं !!” टाईम्स

अब एक और भी प्रश्न शेष है जिस का उत्तर पाने के लिए आप भी बैचैन हैं ?

“‘गोधरा’ …?” आप पूछेंगे तो अवश्य . “समवेत स्वर में मीडिया,बुद्धिजीवी ….राजनेता और एन जी ओज …यही कहते हैं कि …मोदी मुसलमान विरोधी है !”

अब आप मेरी भी सुनिए ! सुनिए अवश्य क्यों कि मुझे आज तक किसी ने कान नहीं दिए …और मेरी बात नहीं सुनी ….? यहाँ तक कि कोर्ट के दिए फैसलों को भी झूठा साबित करने की साज़िश तो आज भी चल रही है ! आज भी यही कोशिश है कि किसी तरह से मोदी को फांसी पर लटका दिया जाए …? लेकिन मैं तो अपनी बात बताऊंगा और ज़रूर कहूँगा कि ….

नरेन्द्र मोदी निर्दोष है ! निर्मल पानी की वो स्वच्छ धारा है – नरेन्द्र मोदी जो दुनियां भर की गंदगी को धोता जा रहा है …और बर्दाश्त करता जा रहा है …उन आरोपों को जिन का दोषी वो है ही नहीं …? ‘गोधरा’ एक मुख्य प्रश्न है लेकिन कार सेवकों को मुसलमानों ने बे-रहमी से जला कर मारा …बाबरी मस्जिद का बदला लिया …और इस घटना में पूरे विश्व के मुसलमान …एक मत हैं …एक जान हैं …एक प्राण हैं ! बंटा है – तो हिन्दू ….? हमने आज तक ये प्रश्न नहीं उठाया कि …इन कार सेवकों का क्या दोष था …? ये अमानुषिक नर-संहार क्यों हुआ ? मुसलमानों की इतनी हिम्मत कैसे हुई …? आप भी तो सोचिए कि क्या बिना किसी सहारे के …सोच के ….योजना के – इस तरह की ‘गोधरा’ घटना जन्म ले सकती है …? ये …ये …बड़ी साजिश …कांग्रेस जिस में शामिल थी ….और विदेश तक के लोग …इस से जुड़े थे – उन्हीं के इशारों पर हुई, ये भी सिद्ध को चुका है !

ये मोदी को जला कर मारने के लिए बनाया गया लाक्षा गृह था …..!! ये देश को टुकडे-टुकडे कर बांट देने की ..अंतर-राष्ट्रीय चाल थी !!!

लेकिन अटल जी ने २००२ में गोवा में पार्टी का सम्मेलन बुला कर नरेन्द्र मोदी को सी एम् के पद से हटाने का निर्णय किया …! क्यों …..? और आज ….अब …अडवानी जी ने अपने अंगद के पैर को जमा दिया है ….? कल तक मैं – नरेन्द्र मोदी – उन की आँखों का तारा था …? मैं एक श्रेष्ठ कार्य-करता था ? मैं सफलता की एक कहानी था ….और मैं उन का प्रिय सेवक था ! लेकिन ….आज ….?

नहीं,नहीं ! मैं अडवानी जी की शान के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलूँगा ? मैं आप को केवल अपने मन की बात बताऊंगा – कि – बाबरी मस्जिद गिरने के बाद …मेरा मन था …और मेरी राय भी थी कि …अडवानी जी ओटलें …कि बाबरी उन्हीं के आदेशों पर गिराई गई …? चले जांय जेल ….! और मेरा मानना था कि ..अडवानी जी तभी लौह-पुरुष से ऊपर उठ कर …युग-पुरुष बन जाते ….? लोग इन की पूजा करते – गाँधी की तरह ! लेकिन ….?

एक और बात जिसे मेरी अंतरात्मा ने कभी नहीं स्वीकारा था – वो सन २००५ में पाकिस्तान जा कर जिन्ना की प्रशंशा करना …उसे सेक्योलर बताना …और कहना कि ….? ये आप को बुरा लग सकता है ….लेकिन हमारे राजनेताओं के लिए इतिहास भी गवाह नहीं बनता ? अटल जी ने भी बस-यात्रा की …? नतीजा आप जानते हैं ? आगरा में भी पाकिस्तानी नेताओं को बुलाया और ‘भाई-चारा’ स्थापित करना चाहा …? लेकिन ….? कारगिल ….!!

मुसलमानों को प्रसन्न करने की रीति-नीति का मैं ….समर्थन भी करता रहूँगा …लेकिन ….

आप हसिए मत ! में गुजरात में आप को ले जा कर अपने स्थापित किए कीर्तिमान ही दिखाऊंगा ! और बताऊंगा कि ‘गोधरा’ के बाद वहां कोई दंगा नहीं हुआ था …और गुजरात का मुसलमान ही मेरा गवाह है ….मेरा हितैषी है …मेरा समर्थक है …? अटल जी को मैंने सहारा दिया …अडवानी जी को मैंने गुजरात में चुनाव जिताया …और गुजरात के मुसलमानों ने मेरे समर्थन में कोर्ट में गवाहियाँ दीं हैं – ये प्रमाण मेरे पास हैं !

मैं भी मुसलमान विरोधी नहीं हूँ ….!!

मैं एक मात्र सेवक हूँ ! माँ भारती का एक निःस्वार्थ सेवक मैं – नरेन्द्र मोदी , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मात्र एक कार्य-करता हूँ ….और कुछ भी नहीं हूँ ? और न ही मेरी कोई मांग-जाच है,श्रीमान ….?

हाँ,हाँ ! मेरा एक मात्र निवेदन अवश्य है कि …अगर देश की जनता ने मुझे एक मौका दिया …अपना पी एम् चुना …तो मैं गुजरात राज्य वाली लगन से ही …माँ भारती की फिर सेवा करूंगा …और उन के उस स्वपन ‘स्वर्गादिप गरीयसी’ को पूरा करने की कोशिश करूंगा -!!

ये देश-प्रेम ही तो मेरा प्राण है ….?????

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श्रेष्ठ साहित्य के लिए – मेजर कृपाल वर्मा साहित्य !!