स्पर्श भाग 5

स्पर्श भाग 5

बसंत को लेने वसुंधरा सांताक्रूज हवाई अड्डे पर स्वयं आई है। बसंत की लग्जरी कार में बैठी वसुंधरा गहरे सोच में डूबी है। उसकी आंखों में अजब सी बेचैनी भरी है। फ्लाइट वन टू फोर पहुंच रही है। वसुंधरा भीमकाय जम्बोजैट को हवाई पट्टी पर उतरते देख रही है। जहाज सामने आ कर रुका है।...
स्पर्श भाग 5

स्पर्श भाग 4

बसंत बिजनिस के सिलसिले में हांगकांग आया हुआ है। हांगकांग उसके लिए भोग भूमि है। यहां आ कर वह खूब मौज मजा करता है। वह महसूसता है कि आदमी की इच्छाएं भी अजगर जैसी होती हैं, जिनके पेट में सब कुछ समा जाता है। लेकिन न जाने क्यों अबकी बार बसंत बहुत संयम बरत रहा है। उसने अपने...
स्पर्श भाग 5

स्पर्श भाग 3

बसंत काे लेकर वसुंधरा के दिमाग में हजाराें तरह की उलझनें भरी हैं। इतना सभ्य, शिष्ट, पढ़ा लिखा और पैसे वाला आदमी एक अपराधी की अपावन जिंदगी क्याें जीएगा? लेकिन प्रमाणाें की भाषा अलग हाेती है। वह बार-बार हाँगकाँग से आए बसंत के रंगीन फाेटाे काे देखती है। उसके साथ बसंत के...