नानी करतीं

नानी कहतीं

नानी ऐसी

होती थीं

नानी-नानी

करते-करते

बच्चे तुम्हें

याद करते

हैं.. माँ

सपनों मे आतीं

बच्चों के

दिल ख़ुश

करतीं

नानी बन के

इतना प्यारा

रिश्ता जोड़ा

फ़िर कहाँ

गईं तुम

नानी बन

के

लौट के आकर

माँ तुम

देखो!

अपने प्यारे

फूल कमल

के

आओ सींचो

प्यार से फिर

तुम

अपने

नानी वाले

गुलदस्ते

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