” देखा! मैने कहा था.. न! कि अगर ये दुबई चली गयी, और इसे वहाँ की हवा लग गई.. तो ये इसे हमेशा के लिये छोड़ देगी!”।

सुनीता ख़ुश थी.. कि लड़की भाग गई.. और यह ख़ुशी सुनीता अपनी हर जगह बाँटती फ़िर रही थी। और तो और मुकेशजी और अनिताजी को भी पता चल चुका था.. कि लड़की का मामला ख़त्म हो गया है! पीछा छोड़ चुकी है! रमेश का..

” चलो! ऐसा लग रहा है! कि परमात्मा मदद कर रहा हो”! मुकेशजी ने सुनीता से फ़ोन पर कहा था।

सुनीता ने अपनी ख़ुशख़बरी दर्शनाजी और रमा के साथ भी बांटी थी.. जिसे सुनते ही रमा बोल पड़ी थी.. कि लड़की को रमेश से कोई भी लेना-देना था! ही नहीं! उसे पैसे और सिर्फ़ अपनी ऐश से मतलब था.. इधर तो रमेश केवल अपने भाई के परिवार और उसके बच्चों का रोना रोने जाता था.. सुबह-शाम उसके पास.. उसे क्या लेना-देना था.. माँ भाई और भाई के बच्चों से.. जो चाहिये था! वो तो ला ही नहीं पा रहा था.. न ही फैक्ट्री से कुछ मिल रहा था.. और न ही बडी-बडी बातें कर हरियाणे की ज़मीन से ही कुछ ला पाया था.. क्या करती वो ऐसे बाप के उम्र के आदमी का! और तो और चलो! छोड़ो सबकुछ! रमेश बाबू तो लगी-लगायी फैक्ट्री में ख़ुद भी महीने के लाखों रुपये कमाने में असमर्थ हो रहे थे.. करेला ऊपर से नीम चढ़ा! यानी न तो रमेश जवान था.. और न ही लाखों करोड़ों का बंडल ही था! तो कहावत तो यही सही होनी थी।

सबनें रमेश की ज़िन्दगी से लड़की के भागने पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया वयक्त कर दी थी.. बाकी रह गई थी.. तो केवल इस पूरे नाटक की रचयिता.. रमेश की माँ!

” अच्छा..!!”।

दर्शनाजी के कानों में बात पड़ने पर दुःखी होते हुए.. सुनीता के आगे मुहँ से निकल पड़ा था।

बेहद दुःखी हो गई थी.. रमेश की माँ! लड़की के भागने के बारे में सुनकर! और होती भी क्यों नहीं! मुश्किल से प्लानिंग कर.. सुनीता का घर उजाड़ने की प्लानिंग करी! और वो भी फेल होती नज़र आई.. फेल होती क्या नज़र आईं! फेल ही हो गई थी।

” आप के पास जो pen drive है! वो मुझे दे दो!”।

” देखा! मुझे फ़ोन करके pen drive माँग रही है! दूँगा..!! आजा ले! ले!”

रंजना रमेश को फ़ोन करके उससे वो pen drive माँग रही थी.. जिसमें की सारी तस्वीर और सबूत थे। रमेश वो pen drive बिल्कुल भी रंजना को देना नहीं चाहता था.. सबूत के तौर पर या फ़िर कभी रंजना को ब्लैकमेल करने के लिये ख़ुद ही इस्तेमाल करना चाहता था। पर इस pen drive का भी एक रहस्य बन गया था.. जानने के लिए पढ़िये अगला खानदान।

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