Main Ab Akela Na Tha.

भोर का तारा युग पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा ! उपन्यास अंश :- नींद का नाम न था- मेरी आँखों में। लाख कोशिशों के बाद भी न आँखें सोना चाहती थीं  …और न ही दिमाग  ! एक अजीव-सा कोलाहल भीतर भरा था. एक खलबली थी  ….विचारों की खलबली...

Sans Leta Sapana !

भोर का तारा युग पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा ! उपन्यास अंश :- नेहरू का युग था. समाजवाद का सपना आकर देश के जन-मानस की आँखों में ठहर गया था. विनोवा जी का भू-दान यज्ञ आरम्भ हो चुका था.समाज में एक सौहार्द पनप रहा था. सभी नई-नवेली आज़ादी के गुन-गान में लगे थे. एक नई...

Swayamsevak

युग पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा भोर का तारा  उपन्यास अंश    स्वयंसेवक से भी आगे का – बाल स्वयंसेवक, एक नया ही चलन चला था – तब. ‘कैच देम यंग” का नारा न जाने कहाँ से आया था ? न जाने इस नारे को किस ने इजाद किया था ? ‘बचपन से...

Narendra Damodar Modi

युग पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा भोर का तारा उपन्यास अंश :- “मैं लडूंगा , मित्रो !” मैं दहाड़ता . “मैं जंग के मैदान में कूदूँगा ज़रूर !! देखलेना …..” अपने सोच और सपनों से मेरी दोस्ती हो चुकी थी. मैं अकेला नहीं था. मैं महसूसने लगा था कि...

Narendra Damodar Modi

युग पुरुषों के पूर्वापर की चर्चा !!   भोर का तारा  उपन्यास अंश  “प्रधान मंत्री बनने का सपना …, हाँ, …हाँ , ….यही सपना तो था …..जो मेरी आँखों में हर रोज लहक जाता था . हर रोज़ एक झुनझुने की तरह बज़-बज़ कर यह मुझे जगाता था ….सताता था...