स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 14

अंग्रेजी से मगज मारते-मारते आनंद पागल हो गया था तभी कल्लू उसे लेने पहुंच गया था। “आओ भइया।” कल्लू हंस रहा था। “कैसा पढ़ा ..?” कल्लू ने उसे हुलम कर पूछा था। “ये ससुरी अंग्रेजी भी क्या अनोखी कला है।” उसने हवा में हाथ फेंके थे।...
स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 13

कल्लू ने आनंद को फ्रांसिस के हवाले किया था और चला आया था। चकित भ्रमित सा आनंद कई पलों तक खड़ा-खड़ा उस मुन्ना कोचिंग सेंटर को देखता रहा था। वहां सब कुछ था। उस घूमती फिरती चहल पहल में आनंद ने महसूसा था कि वहां वही लोग थे जो अंग्रेजी पढ़ने आए थे और वो लोग थे जो उन्हें...
स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 12

राम लाल की आंखों में विजय गर्व सा कुछ तैर आया था। “बर्फी चुप थी। बर्फी हिली भी नहीं थी। पर मैं मान गया था कि वो मेरे आने के इंतजार में थी। तब मैंने अपने उस पर धरे हाथ से उसे अपनी ओर समेटा था और उसने भी करवट बदल कर मुझे मौका मोहिया कराया था।” “फिर...
स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 11

मात्र अंग्रेजी सीखने का विचार ही आनंद के शरीर को कीड़ों की तरह काटता बकोटता रहा था। उसे रह-रह कर याद आता रहा था कि किस तरह वह अंग्रेजी का घोर और कट्टर विरोधी था। और किस तरह वह इसे गुलामी की जंजीर बताता था। उसका मानना था कि जब तक हम अंग्रेजी बोलते रहेंगे – गुलाम...
स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 10

पटरी पर निष्क्रिय बैठा आनंद आज ऊंघ न रहा था। “जरूर-जरूर राम लाल ने झुग्गी में अकेली बर्फी के साथ बुरा काम किया होगा?” आनंद कयास लड़ा रहा था। “ये आदमी सीधा नहीं है।” उसने मन में सोचा था। “बर्फी ..?” “आनंद बाबू!” कल्लू ने...
स्वामी अनेकानंद भाग 14

स्वामी अनेकानंद भाग 9

“लो! तिकड़म भिड़ा कर मनी ऑडर किया है।” कल्लू ने मनी ऑडर की रसीद राम लाल को थमाई है। “पोस्ट मास्टर जानकार है वरना शाम हो जाती।” वह पसीना पोंछ रहा है। “और वो भी दो।” राम लाल ने कल्लू को घूरा है। “वो – पते की पर्ची!”...