by Major Krapal Verma | Feb 22, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“अगर किसी ने इसे बच्चे की तरह रोते बिलखते देख लिया तो सारा गुड़ गोबर हो जाएगा गुरु!” कल्लू ने राम लाल को चेतावनी दी थी। “जितना जल्दी हो – उतना भला। इसे गांव के लिए रवाना करो।” कल्लू ने साफ शब्दों में कहा था। राम लाल ने कदम को देखा था। कदम...
by Major Krapal Verma | Feb 20, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“आपकी चिट्ठी आई है।” कदम खाने के बर्तन उठाने आया था तो आनंद को बताया था। आज शनिवार था। स्वामी अनेकानंद आज माधव मानस इंटरनेशनल के प्रांगण में श्रद्धालुओं से मिल रहे थे। लंच ब्रेक था। स्वामी अनेकानंद ने भोजन ग्रहण कर लिया था। और तभी कदम ने उन्हें आया पत्र...
by Major Krapal Verma | Feb 12, 2026 | स्वामी अनेकानंद
अखबारों में खबर छपी थी – मोहन मकीन बीमार अमेरिकन खरब पति की बेटी विभूति मकीन जन कल्याण आश्रम का निर्माण हिरन गोठी बंबई के परिसर में करा रही हैं। निर्माण के लिए टीम अमेरिका से आई है। निर्माण अनोखा होगा। उद्घाटन के लिए सी एम साहब से निवेदन किया गया है। उनका स्वागत...
by Major Krapal Verma | Feb 8, 2026 | स्वामी अनेकानंद
राधू रंगीला की हुस्न परी फिल्म की पूरी टीम मनाली पहुंच गई थी। मनाली का मौसम बहुत ही खूबसूरत हो गया था। बर्फबारी, बारिश और हड्डियां कंपाने वाली सर्दी के जाने के बाद वहां फिर से स्वर्ग बस गया था। आसमान भक्क नीला निखर आया था। हवा बड़ी ही नरम और सुगम थी। चारों ओर के नए वन...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
अचानक ही विभूति मकीन को एक शक ने आ घेरा था। वह भारत आई थी किसी पहुंचे हुए तपस्वी की तलाश में जो हर प्रकार के रोग भोग ठीक करता था और बदले में कुछ न लेता था। एक ऐसे स्वामी की कल्पना उसके मन में आई थी जो हिमालय की कंदराओं में तप करके लौटा था और अब जन कल्याण के काम में...
by Major Krapal Verma | Feb 6, 2026 | स्वामी अनेकानंद
प्रतिष्ठा लौटी थी बंबई तो सीता देवी उसे बांहों में भर कर खूब रोई थीं। बहुत देर तक रोती रही थीं। एक बेटा न होने का गम उन्हें खाए जा रहा था। वह जानती थीं कि बबलू के मुकाबले प्रतिष्ठा टिक न पाएगी। चुनावी दर्पण में उन्हें अपनी हार साफ-साफ दिख रही थी। “जाने दो...