जीने की राह छियालीस

जीने की राह छियालीस

आश्रम में नई रसोई बनी थी। ये सब वंशी बाबू के उपक्रम थे। कहते थे – पैसा है तो खर्च कर देते हैं, लोगों की भलाई के लिए लगा देते हैं। वरना तो कोई गड़प कर जाएगा .. पैसा है ही एक बुरी बला! “चलकर देख तो लो स्वामी जी!” वंशी बाबू का आग्रह था। “खूब धन...
जीने की राह छियालीस

जीने की राह पैंतालीस

“स्वामी जी, प्रणाम!” श्री राम शास्त्री ने बड़े ही विनम्र स्वर में मुझे सत्कार दिया है। मैं गदगद नहीं हुआ हूँ। मैंने श्री राम शास्त्री के चालाक चेहरे पर लिखा सारा वृतांत पढ़ लिया है। मैं चुप हूँ। लेकिन मुझे अचानक ही शंकर की आवाजें सुनाई देने लगती हैं।...
जीने की राह छियालीस

जीने की राह चवालीस

“आप से कुछ कहना था स्वामी जी!” वंशी बाबू आए हैं और तनिक से नाराज हैं। पलांश में ही मैंने अपने स्वयं को टटोल कर देखा है। कहीं कोई गलती तो नहीं बन गई – मैंने सोचा है। “ये श्री राम शास्त्री तो बहुत गलत आदमी है!” वंशी बाबू बोले हैं।...
जीने की राह तैंतालीस

जीने की राह तैंतालीस

“ये सुधा ननकूराम की बेटी है स्वामी जी!” वंशी बाबू बता रहे हैं। “पढ़ी-लिखी है। शादी होने वाली थी लेकिन ..” वंशी बाबू ठहर गये हैं। मैंने सुधा को देखा है। बड़ी ही सुशील कन्या है। सुंदर है और बड़ी ही आकर्षक युवती है। फिर इससे शादी करने में किसको...
जीने की राह बयालीस

जीने की राह बयालीस

“मैं पूजा पर बैठता हूँ तो ये लोग हंसते हैं स्वामी जी।” श्री राम शास्त्री शिकायत कर रहे हैं। वे पूर्ण रोष में हैं। “इन गंवारों को ये तक पता नहीं कि मेरे मंत्रोच्चार का अर्थ क्या है। इन पशुओं को तो ..” बाप रे बाप! कितना अभिमान है श्री राम...
जीने की राह इकतालीस

जीने की राह इकतालीस

प्रभु की कृपा से सेठ जमुनादास के घर पुत्र रत्न का आगमन हुआ है। मुझे याद है जब वो आश्रम में पत्नी सहित पधारे थे और आशीर्वाद ले कर गये थे। उनकी पत्नी सरला बहुत ही नेक और धर्मावलंबी है! उनके अटूट विश्वास पर मुझे तब भी भरोसा था कि प्रभु उन्हें वरदान अवश्य देंगे! और अब तो...