by Major Krapal Verma | Jun 27, 2024 | राम चरण
देर रात गए राम चरन ने हैदराबाद फोन मिलाया था। मंदिर परिसर सूना था। किरन कस्तूरी जा चुका था। पंडित कमल किशोर कब के घर पहुंच चुके थे। सुंदरी सो नहीं रही थी। लेकिन दिल्ली सो रही थी। और राम चरन भी एक अकेला था जो अभी भी जाग रहा था। संघमित्रा उसे अब सोने नहीं दे रही थी।...
by Major Krapal Verma | Jun 23, 2024 | राम चरण
पुरवाया छूट गया था। आसमान पर बैठे बादल छितराने लगे थे। मंदिर के परिसर में भक्तों की भीड़ भरने लगी थी। राम चरन को परिवार के साथ आया देख पंडित कमल किशोर प्रसन्न हुए थे। वो राम चरन का बहुत आभार मानते थे। “आइए-आइए।” पंडित कमल किशोर ने श्याम चरन को आगोश में...
by Major Krapal Verma | Jun 22, 2024 | राम चरण
राम चरन ने जब आंखें खोली थीं तो सुंदरी उसका सर सहला रही थी। “भाई साहब आए थे। सुंदरी ने धीमे से बताया था। “बदन छू कर बोले थे – इट्स फटीग। बहुत काम करते हैं।” सुंदरी तनिक मुसकुराई थी। “कह रहे थे – इन्हें आराम करने को कहो।” राम...