by Major Krapal Verma | Aug 17, 2025 | रजिया
समर कोट में 6 तारीख को होने वाले उत्सव में गंधर्व सैन के ग्यारह राजकुमारियों और राजकुमारों को नहीं आना था। उनके पास धन माल पहुंचने वाला था। सोने के सिक्के, चांदी के तोहफे और हीरे पन्ने बड़ी तादात में समर कोट से भेजे जा रहे थे। जालिम का आदेश था – लोगों के बीच में...
by Major Krapal Verma | Aug 6, 2025 | रजिया
तरन्नुम बेगम को महसूस हुआ था कि इस बार हिन्दुस्तान से लौट कर वो नहीं कोई और ही जालिम आया था। जालिम की चाल ढाल, बोल चाल और यहां तक कि आवाज अंदाज सभी बदले-बदले लगे थे। तरन्नुम ताड़ गई थी कि जालिम के साथ आई रजिया सुल्तान कोई आम औरत नहीं एक अलग ही आइटम थी। रजिया सुल्तान...
by Major Krapal Verma | Aug 4, 2025 | रजिया
स्पाई फ्रंट ऑपरेशन को लेकर बोर्ड के पांचों मैंबर अर्धरात्रि के अवसान पर कॉनफ्रेंस रूम में चुपचाप बैठे थे। कमरे में प्रशांत खामोशी भरी थी लेकिन उन पांचों के दिमाग लगातार एक ही गीत की धुन को सुनते चले जा रहे थे। हम मेहनत कश इस दुनिया से अब अपना हिस्सा मांगेंगे, एक बाग...
by Major Krapal Verma | Aug 2, 2025 | रजिया
“हम मेहनतकश इस दुनिया से जब अपना हिस्सा मांगेंगे! एक बाग नहीं, एक खेत नहीं हम सारी दुनिया मांगेंगे!” लंदन के क्षितिज पर चढ़ कर यह गीत लहरी लगातार बज रही थी। लंदन में होते महा सम्मेलन के उपलक्ष में दुनिया को खुला संदेश जा रहा था कि इस महा रैली का उद्देश्य...
by Major Krapal Verma | Jul 27, 2025 | रजिया
आज समर कोट लौटते जालिम का मन लौटना न चाहता था। वह तो कभी दिल्ली तो कभी हैदराबाद की गलियों में डोल रहा था। न जाने क्यों जालिम का मोह दिल्ली में फस गया था। दिल्ली युगों से चली आ रही एक सांस्कृतिक धरोहर जैसी थी। न जाने यहां कितने आए और कितने गए। कौन जीता – कौन...
by Major Krapal Verma | Jul 25, 2025 | रजिया
“सो द ट्राएंगल इज क्लोज्ड।” सर रॉजर्स ने हंसते हुए कहा था। “पहली जीत है।” उन्होंने पुष्टि की थी। “अमेरिका जालिम के घर में घुस गया।” वो जोरों से हंसे थे। “कहां जाएगा जालिम ..?” “पर पकड़ा जाए तभी है।” बरनी ने...