बंधन नहीं है कोई 
स्वतंत्र हो
उड़ान तो भरो
अपनी शक्ति पर विश्वास करो
कमी है अगर कोई
बाहर तो
आँखें बंद करो
हर समस्या का हल है
भीतर ही
क्या सोचते हो
ध्यान करो
सोच का बीज ही
परिणाम का वृक्ष है बड़ा
बदलना है कुछ अगर
बस अपनी सोच को
बदल लो
बंधन नहीं है कोई
स्वतंत्र हो
उड़ान तो भरो

Ashish Verma

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