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शुभचिन्तन से सब शुभ

जब दिमाग सब्जी पकती है
तो सबकी खिचड़ी खराब हो जाती है
काश सब सभी के बारे में अच्छा सोचते
तो न दाल काली होती और न खिचड़ी!

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