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Santa Claus.. kaanu

सांता क्लॉज़

Jingle bells, jingle bells

Jingle all the way,

Santa claus is coming along,

Riding on a sleigh,

Jingle bells, jingle bells,

Jingle all the way,

Kaanu-maanu is coming along,

Riding on a sleigh.

पिछले साल हमारे यहाँ इन्हीं दिनों हमारे पड़ोसी जैकब साहब के यहाँ से ड्राई फ्रूट्स का केक आया था, और पिछला साल ही क्या हर साल जैकब साहब हमारे यहाँ क्रिस्मस का केक ज़रूर भिजवाते हैं, और शाम को अपने यहाँ हमें भोजन पर भी ज़रूर आमंत्रित करते हैं, उनका पूरा मकान बेहद सुन्दर ढँग से सजा होता है.. और हो भी क्यों न आख़िर क्रिस्मस मैन त्यौहार है उनका, जैसे कि हमारा दिवाली।

उनके यहाँ से आया हुआ केक इतना स्वादिष्ट होता है, कि हमारा तो पूरा परिवार ही केक के स्वाद में डूब जाता है। बच्चे हमसे अक्सर यही ज़िद्द करते रहते हैं, कि आप भी जैकब आँटी जैसा केक बनाना क्यों नहीं सीखती हो.. अब तो प्यारी कानू भी केक खाने में शामिल हो गई है.. उसको भी तो केक बहुत पसन्द आता है।

केक पर बातचीत चलते -चलते क्रिस्मस पार्टी पर आकर रुक गई थी। बच्चे अपनी ज़िद्द पर उतर आए थे, कि इस बार हम भी जैकब अंकल की तरह ही क्रिस्मस पार्टी मनायेंगे। हमनें भी बच्चों से कह दिया था,” क्रिस्मस हमारा त्यौहार नहीं है, दीपावली हमारा त्यौहार है, हम कोई क्रिस्चियन थोड़े ही हैं”।

“ पर हमनें देखा है, जैकब अंकल लोग भी दीवाली खूब धूम-धाम से मनाते हैं, आपको पता भी है, हमारे सारे दोस्त क्रिस्मस पार्टी करते हैं और इस बहाने से आप भी अच्छा केक बनाना सीख जाओगी और इस बार हमारा केक जैकब अंकल के घर जाएगा”। बच्चों ने ज़िद्द की थी।

इस बार बच्चों ने हमारी हाँ का बिल्कुल भी इंतेज़ार नहीं किया था। अपने-आप से ही पार्टी की प्लानिंग से लग गए थे। पहले तो प्लान हुआ था, कि बाज़ार से जाकर ही क्रिस्मस ट्री ख़रीदेंगे.. फ़िर बाज़ार वाला क्रिस्मस ट्री का आईडिया बिल्कुल कैंसिल कर घर के क्रिस्मस ट्री पर बात आकर रुक गई थी। असल में हमारे खुद के टेरेस गार्डन में  हमारा लगाया हुआ बहुत बड़ा और सुन्दर क्रिस्मस प्लान्ट है, बस! तो बच्चों ने हमारे लगाए हुए क्रिस्मस ट्री को ही डेकोरेट करने का निर्णय ले लिया था। अब बात आई थी, सांता क्लॉज बनने की, हम वहीं बैठे अपनी नन्ही और प्यारी सी कानू के साथ सारी बातें ध्यान से सुन रहे थे.. तभी बच्चों की नज़र हमारे साथ मटर के छिलकों में ढ़की और उन छिलकों और मटर के मीठे दानों का मज़ा लेती कानू पर जा पड़ी थी। बच्चे दौड़े-दौड़े हमारे पास आये थे,” मम्मी हम क्रिस्मस पर आपकी कानू को ही सांता क्लॉज बनायेंगे, बना लें ना”।

“ वो तो सब ठीक है, पर भौंकेगी और तुम्हारी पार्टी का मज़ा सारा ख़राब कर देगी”। हमनें बच्चों से कहा था।

“ हम अपने-आप कानू को सँभाल लेंगें, पर सांता क्लॉज तो कानू को ही बनाएंगे, आप देखना कितनी स्वीट दिखेगी अपनी क़ानू सांता क्लॉज के लिबास में, सब देखते ही रह जायेंगे.. कहेंगें देखो! कुत्ते को क्या बना रखा है”। बच्चे बोले थे।

“ अगर कुत्ता-कुत्ता करोगे तो हम कानू को कोई सांता क्लॉज न बनने देंगें.. ख़बरदार!”। कानू को कुत्ता बोलने पर हमें अब बहुत तेज़ ग़ुस्सा आ गया था। वैसे भी जब कोई हमारी सफ़ेद फ्लॉवर जैसी कानू को कुत्ता बोलता है, तो हम बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं।

“ अच्छा! चलो, सॉरी! अब न बोलेंगे हम कानू को कुत्ता!”। और बच्चों ने हमें कानू को सांता क्लॉज बनाने के लिये मना ही लिया था।

क्रिस्मस पार्टी के लिए हम सबनें मिलकर क्रिस्मस ट्री को हॉल के एक कोने में रख पूरा डेकोरेट कर दिया था, और हॉल को भी बच्चों ने सांता क्लॉज के तोहफ़े, लाइट और अन्य सजावट के सामान से सजा दिया था।

आज ही तो क्रिस्मस है, वैसे तो हमारा त्यौहार नहीं है, क्रिस्मस, पर आज हम भी अपने क्रिस्चियन बहन और भाइयों की ख़ुशी में पूरी तरह से शामिल होने जा रहे थे, इसलिए हम सबनें एक दूसरे को” मैरी क्रिस्मस” बोल त्यौहार की बधाई दी थी।

अब इस त्यौहार का सबसे महत्वपूर्ण किरदार तो सांता क्लॉज ही थे.. जिसकी भूमिका निभा रहीं थीं.. प्यारी गुड़िया रानी कानू। कानू को बच्चों ने लाल रंग की जैकेट पहना और नकली सफ़ेद दाढ़ी जैसे-तैसे कानू की गर्दन पर लगाकर क़ानू को प्यारे से सांता क्लॉज का रुप दे दिया था।

हमनें एक दिन पहले ही क्रिस्मस ईव पर हॉल में सॉक्स लाइन से टाँग दिए थे, और उनमें सांता क्लॉज यानी के क़ानू की तरफ़ से छोटे-छोटे गिफट आइटम पैक कर दिये थे।

हमारी कानू सच! मे सांता क्लॉज के रूप में बहुत ही प्यारी लग रही थी। कानू के सिर पर सांता क्लॉज वाली टोपी भी जम रही थी।

इस बार हमनें जैकब साहब और उनके परिवार को अपने घर पर ही आमंत्रित किया था.. मैरी क्रिस्मस की पार्टी के लिये।

जैकब साहब और उनका कानू-मानू को सांता क्लॉज के रूप में देखकर बहुत ही खुश और आश्चर्य कर रहे थे,” अरे ! कानू भोंक नहीं रही, आराम से कैसे घूम रही है”।

हमनें अपने मेहमानों को क़ानू की खुशी का राज़ समझाते हुए कहा था,” आज सर्दी बहुत है, इसलिये कानू को यह लाल रंग की जैकेट में बहुत आराम मिल रहा है, और दाढ़ी तो इस तरह से हमनें लगाई है, कि कानू को पता ही नहीं चल पा रहा”।

हमनें सभी को सांता क्लॉज की तरफ़ से छोटे-छोटे तोहफ़े दिये थे। और हमारा बनाया हुआ क्रिस्मस के लिये ड्राई फ्रूट्स का केक सभी को बहुत पसन्द आया था।

क़ानू प्यारा सा सांता क्लॉज बन सारे घर में अपनी फ्लॉवर जैसी पूँछ हिलाती हुई घूम रही थी.. सच! आज जैसा प्यारा और क्यूट सांता क्लॉज हमनें पहले कभी नहीं देखा था। कानू को भी हमनें मैरी क्रिस्मस बोलते हुए एक मीठी सी पप्पी कानू के गाल पर दे ही दी थी।

आज की क्रिस्मस पार्टी हमारे लिये अनोखी पार्टी थी, जिसमें हमारी प्यारी कानू ने सांता क्लॉज बनकर हम सब का ही नहीं बल्कि हमारे पड़ोसी मित्रों का भी दिल जीत लिया था।

बच्चों ने कहा था,”, अगले साल भी इसी तरह कानू ही सांता क्लॉज बनकर हमारे लिये ढ़ेर सारे तोहफ़े लाएगी”।

हमारे और हमारी प्यारी कानू की तरफ़ से आप सब को क्रिसमस की बधाईयाँ देते हुए एक बार फ़िर हम सब चल पड़े हैं, कानू-मानू के साथ।

Merry Christmas!!  From: kaanu

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