” तन्ने बेरा सै! दिल्ली में बहुत बड़ा काली का मंदिर सै! अरे! अपनी वा सै! ने! वा काली ने माने सै!”

रमेश दर्शनाजी के सामने रंजना को लेकर शेख़ी बघार रहा था.. दिल्ली में काली के मंदिर के विषय में बताते हुए.. रंजना के बारे में भी बोले जा रहा था.. कि वो काली को मानती है। सुनीता को बातें याद आने लगीं थीं.. वहीं तो खड़ी थी.. सुनीता!

” हाँ! याद आया! ये अक्सर ही सफ़ारी में लड़की को लेकर काली के मंदिर जाते थे.. और घर आकर सभी को प्रसाद बांटते थे। सुनीता मन ही मन मुस्कुराते हुए.. रमेश के बोलने को याद करने लगी थी,” अरे! काली अम्मा का प्रसाद है! ले लो ! अपनी वो है.. न! वो काली अम्मा को ही मानती है”।

और यह बात सही भी थी.. रंजना रमेश को लेकर अक्सर ही काली के मंदिर चली जाती थी।

” जल्दी कर..!! मुझे काली के मंदिर जाना होता है!”

रमेश ने घर आकर सुनीता से कहा था। यह कौन सा तरीका हुआ.. भई! खा-पीकर काली के मंदिर जाने का! और अब तो रंजना से झगड़ा भी हो गया है! उसके बाद भी काली का मंदिर।

रमेश रंजना से अनबन के बाद लगातार रोज़ ही रात का खाना-वाना खाकर अनोखे तरीक़े से काली के दर्शन को जाने लगा था.. अब भई! रमेश के खून में ही बिसनेस था.. सो मंदिर में भी कर बैठा! काली के मंदिर रोज़ जाने से शायद रंजना लौटकर आ जाएगी.. इसी मतलब को लेकर रोज़ ही काली के मंदिर पहुँच जाता था। अब हुआ यह.. कि काली के मंदिर से ही रंजना को फ़ोन कर बैठा.. लड़की की गाली भी खायीं और खाली-पीली पुलिस की धमकी का भी शिकार हो गया था।

शायद काली माता को भी रमेश और रंजना का साथ मंजूर नहीं था। इसलिए मंदिर में ही जमकर झगड़ा करवा दिया था।

काली अम्मा के मंदिर में हुआ फोन पर झगड़ा भी पूरे घर में आग की तरह से फैल चुका था.. रमेश ने अब काली अम्मा के मंदिर भी जाना ही डर के मारे छोड़ दिया था.. चलो! विनीत की तो इस बात से बहुत बड़ी राहत मिली थी.. नहीं तो काली के मंदिर के नाम पर रोज़ शाम को घर में झगड़ा शुरू हो जाता था.. काली मंदिर जाने के लिए रमेशजी पैसों की डिमांड जो रखते थे।

परमात्मा की कुछ ऐसी करनी हुई.. कि रंजना ने रमेश को बिल्कुल फ़ोन वगरैह करने बंद कर दिये थे.. और अपनी बहन के पास एकबार फ़िर दुबई चली गयी थी।

लेकिन इतना सब होने के बाद भी आज भी रमेश को रंजना के लौट कर आने की एक उम्मीद बाकी थी..

” देखा! मैने कहा था.. न! कि अगर इस लड़की को दुबई की हवा लग गई! तो यह वापिस नहीं लौटेगी!”।

यह किस ज्ञानी की भविष्यवाणी थी.. और रंजना के जाने पर कौन सा किरदार सबसे ज़्यादा दुःखी हुआ था। जानने के लिए पढ़ते रहिये.. खानदान।

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