जब भी तुम आती हो
कुछ कहना चाहती हो
मैं तुम्हें समझे बगैर
ही ख़ुश हो जातीं हूँ
कि तुम मिलने आ जाती हो
पर तुम्हारी बातों में
कितनी सच्चाई झलकती है.. माँ!!
तुम्हारा यूँ आना
और मुझसे
चुपके से कुछ कहना
सच हो जाता है
फ़िर अचानक से गायब हो जाती हो
एक बार फ़िर मुझे तुम
याद बहुत आती हो
पर कोई सच अपने संग
ज़रूर लाती हो
जब भी तुम आती हो..माँ!!

