by Rachna Siwach | Jul 21, 2019 | Uncategorized
रोज़ की तरह से ही रात को रमेश घर से बाहर गया था.. लेकिन आज घर से बाहर निकलने से पहले जमकर दोनों भाइयों और माताजी में हिस्से को लेकर झगड़ा हुआ था.. जिसके कारण रमेश काफ़ी ग़ुस्से में गर्म दिमाग़ लेकर तेज़ी से पूरी रफ़्तार के साथ घर से मोटरसाइकिल लेकर भागा था.. रमेश को...
by Rachna Siwach | Jul 21, 2019 | Uncategorized
बच्चे अब बड़े हो चले थे.. लेकिन परिवार में वही सब नाटक थे.. हाँ! रमेश पहले की तरह से घर में समय न बिता कर.. फैक्ट्री जाने लगा था। पर अब इस फैक्ट्री में जाने का कोई भी फ़ायदा नज़र नहीं आ रहा था.. विनीत सारा बिज़नेस समय रहते टेकओवर कर चुका था.. और रमेश को कम ख़र्चे में...
by Rachna Siwach | Jul 19, 2019 | Uncategorized
” आह.. ! आह..! उफ्फ..!” क्या करूँ..! सरसों का तेल और सेंधा नमक भी लगा कर देख लिया.. पर आराम ही नहीं आ रहा.. बहुत ही दर्द कर रहें हैं! ये नीचे के दाँत..! वही तो कल रात जो वो मसाले के चावल खा लिए थे.. न! लगता है! उन्हीं से इन्फेक्शन हो गया है.. मसूड़े तो...
by Rachna Siwach | Jul 19, 2019 | Uncategorized
” तू इस बुढापे के पास सामान को रखवा दे.. मैं इसे हाथ भी नहीं लगाऊंगा!”। रमेश कहा-सुनी के बीच सुनीता से बोला था.. चाहता था, कि सुनीता अपने गहने अपने संग न ले जाकर उसकी माँ के पास ही रखवा दे.. ससुराल का मामला था.. छुट्टी बिताने दिल्ली पहुंचना था.. चारों तरफ़...
by Surinder Kaur | Jul 19, 2019 | Uncategorized
आज कल की औलाद , औलाद क्यू नही?हर मकान घर जैसा आबाद क्यू नही? वैसे तो रहते है हम एक ही छत के तलेपर होता दिनो तक,आपसी संवाद क्यू नही?सब कुछ होते हुए भी दुखी है हम सारे,ऐ खुदा इन दुखो का,कोई अपवाद क्यू नही?शायद ...
by Rachna Siwach | Jul 18, 2019 | Uncategorized
आज एकबार फ़िर हमारी कलम प्यारी कानू के बारे में लिखने के लिए उठी है.. अब क्या बताएं हमारी कानू है.. ही इतनी प्यारी कि हमारा मन ही नहीं माना। सारे परिवार का लाड़ और प्यार समेटने वाली है.. हमारी कानू। छुटपन से ही हमनें एक नन्ही और प्यारी गुड़िया की तरह से पाला है.. कानू...