by Rachna Siwach | Jul 27, 2019 | Uncategorized
आँखों में नींद घुलते ही आ जाते हैं सपने मन प्रसन्न हो जाता है जब दिखते हैं सपनों में कुछ अपने हड-बड़ा कर बैठा देते हैं कुछ शादी-ब्याह के सपने ऐसा दिखने पर कुछ बुरा हो जाता है कहा करते थे कुछ अपने मन घबराकर व्याकुल हो जाता है जब दिखते हैं ऐसे सपने सारे दिन की मनःस्थिति...
by Rachna Siwach | Jul 27, 2019 | Uncategorized
” गुड मॉर्निंग सर!” ” गुड मॉर्निंग.. आप क्लास में कैसे..? आज सैटरडे है! आज तो P.T period है”। ” yes, सर्.. पर आज हमनें क्लास की सफ़ाई की ड्यूटी ली है!”। “O.K” और हमारे गेम्स टीचर क्लास से हमसे पूछताछ कर चले जाते हैं। बात...
by Surinder Kaur | Jul 26, 2019 | Uncategorized
बिछड़ते वक्त हम दोनो की आँखो मे आँसू थे। चल पड़े थे हम अपनी अपनी ड़गर। फिर अचानक मुड़ कर कहा था। तूने,”सुनो,एक बार मुस्करा दो”। और मुस्करा दी थी मै। आखिर बात तुम्हारी खुशी की थी Surinder...
by Surinder Kaur | Jul 26, 2019 | Uncategorized
जिंदगी तेरी हर अदा कातिलाना है। आगे तू,और पीछे तेरे ये जमाना है। कभी रूलाती,कभी हंसाती है तू रे तेरे पास हर वक्त एक नया बहाना है। किसी को राजा,कोई भिखारी बना दे, बहुत देर से तेरा ये अंदाज पुराना है। रोज नई राहे दिखला देती है हमको इसी लिये ये सफर तेरा,सुहाना है। मानती...
by Rachna Siwach | Jul 25, 2019 | Uncategorized
“अरे! यह क्या! सारी टहनियाँ सूख गईं.! गर्मी ज़्यादा है.. कोई बात नहीं पानी देते रहते हैं.. फूट आइयेंगी!”। अपने गुलाब के पौधों की सूखी हुई.. टहनियाँ देख.. हमनें सोचा था.. पूरे के पूरे पाँच सुन्दर रंगों के गुलाब के गमलों का यही हाल था.. एक भी पत्ती देखने से...
by Rachna Siwach | Jul 24, 2019 | Uncategorized
ये राजमा- चावल सुनने में कुछ अजीब सा लगता है.. अब राजमा- चावल पढ़कर हँसी आ जाए.. या फ़िर कुछ अजीब सा महसूस हो.. तो इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है.. इसे पढ़ते वक्त यही अंदाज़ा लगाया जा सकता है.. कि राजमा किस प्रकार बनाया जाता है.. इसकी विधि बताई गई होगी। पर ऐसा...