by Rachna Siwach | Jul 29, 2019 | Uncategorized
” रक्षाबंधन आने को है..! सुन्दर राखियाँ खरीद लाना!”। ” अभी समय है! खरीद लाएंगे.. “। ” नहीं! आज ही.. courier से पहुँचने में वक्त लगता है.. पिछली बार भी हमारी राखी देर से पहुँची थीं”। ” चलो! भई! ठीक है.. जो हुक्म!”। पतिदेव...
by Rachna Siwach | Jul 29, 2019 | Uncategorized
पिताजी तुम्हारी याद सताई तुम्हारी याद में आँखे नम हो आईं अच्छा न लगा तुम्हारा यह फैसला हमें पर ईश्वर के आगे किस की चल पाई मन जानता है आपका वक्त कठिन बीत रहा होगा हिम्मत रखना ऊपर वाले के यहाँ सबकी सुनवाई आऊँगी मैं पिताजी तुमसे मिलने जहाँ बिठा आपको मेरा मायका बनाया है...
by Surinder Kaur | Jul 29, 2019 | Uncategorized
ये जो औरते होती है न रो लेती है अक्सर ये मरद नही कर सकते ऐसा साफ शफाक आखे ले कर आजाती है मुस्कुराते हुये फिर आगन मे फूफी मासी काकी से बात करती नही गिरने देती एक भी आसू दामन पर मरद ऐसा नही कर पाते पता नही कैसे कर मुस्कुरा देती है ये भरी आखो से Surinder...
by Surinder Kaur | Jul 29, 2019 | Uncategorized
काहे न कहूं बैरी तुझे बेवफा। कौन सा वादा किया है वफा। क्यू न कहूं मै तुम को बेवफा क्या कभी सुनी तूने मेरी सदा। घाव तेरे भी अब रिसते तो होगे तेरी बेबफाई का यही है सिला। कभी तूने आजमाया था मुझे अब रहा है आजमा तुझे खुदा। इतनी मासूम भी अब नही मै तुम से न करूगी ,जो अब...
by Surinder Kaur | Jul 27, 2019 | Uncategorized
आती है महक इशक की फिजाओ से खत मेरे खुलेआम क्यू जला देते हो। याद तुम्हारी हमे बहुत आने लगी है, तुम जाने कैसे हम को भुला देते हो। मौत की कगार पर पहुंचा कर हमे फिर क्यू जिंदगी की दुआ देते हो। आवाज कभी सुन न पाये हमारी, अब क्यू पीछे से हमे सदा देते हो। आसां नही थी कभी यू...
by Surinder Kaur | Jul 27, 2019 | Uncategorized
हम को तो यारा ,तेरी जुदाई ने मारा। तेरी शोहरत और ,मेरी रुस्वाई ने मारा। होश मे यू तो हम, पहले भी नही थे, उस पर तेरी आँख की गहराई ने मारा। सीने मे पड़ जाती ठंड़क तुझे देखने से पर हमे इशक की आग लगाई ने मारा। देखना तो जरा भीड़ मेरे जनाजे के पीछेतू कहता हो हमे बस तन्हाई ने...