सेल्फ़ी

सेल्फ़ी

अपने आप को देख मुस्काए क्लिक हुआ जब ख़ूब हरषाए बहुत गज़ब की तस्वीर खींची थी मित्रों को भी संग ले आए सब संग इकट्ठे कर किया क्लिक था हमनें वाह भई वाह क्या फ़ोटो आई बदल गया है दौर तुम देखो खड़े-खड़े अब फ़ोटो आए मनचाही मुद्रा में झट्ट से तस्वीर खींच रहे अब ख़ुद ही खींचे...
कैट वॉक

कैट वॉक

कोई पहचाने हाँ मुड़ के है जाने हाँ सब मुड़ के हैं देखें मेरी कैट वॉक ख़यालों की एक अलग ही दुनिया बस गयी थी हमारी.. बस! अपने-आप  को आईने में देखे बगैर ही मॉडल बनने का सपना देख बैठे थे.. और सपना देखना तो बनता ही था.. आख़िर कॉलोनी के प्रेसिडेंट साहब जो घर पर आकर...
बिजली

बिजली

बिजली चमकी गरजे बादल बिजली की चमक में कहीं कुटुम्ब था मेरा बिजली चमकी गरजे बादल उस चमक में कहीं बचपन था मेरा बिजली चमकी गरजे बादल उस चमक में कहीं चेहरा था तुम्हारा बिजली चमकी गरजे बादल उस चमक में कहीं तुम मुस्कुरा रहीं थीं बिजली चमकी गरजे बादल उस चमक में मैं चल पड़ी...
बाढ़

बाढ़

क्रोधित हुई प्रकृति बाढ़ है आई रुला गई मानव को ऐसी धूम मचाई बाढ़ के क्रोध से भयभीत हुआ मानव चिल्लाया है! प्रकृति तुम इतनी क्रोध में क्यों थीं आईं बोली तिलमिला कर प्रकृति वृक्षों को क्यों मार गिराया सीने से लगे थे मेरे तुमने कैसे वार कराया मेरा खोया लौटाओ हरापन नहीं तो...
हरियाली तीज

हरियाली तीज

आया सावन पड़ गए झूले तीज त्यौहार है आयो रे! रंगीलो भयो आँगन घर को जब सखियों संग गीत गायो रे! आई री बन्नो ससुराल से मायके माँ ने लाड़ लगायो रे आँगन महके तीज के संग में जब पकवान थाल सजाओ रे! खिल गईं कलियाँ नाची सखियां घर आनंद समायो रे! झूमा नाचा मन झूमा रे! हरियाली तीज...
तौबा

तौबा

” ठीक है..! न मास्टरजी! फ़िर किस तरह सिलना है.. और कुरतों में कौन सा डिजाइन रखना है!”। ” जी! बहनजी.. जैसा आपने बोला है! वैसा ही बना देंगें!”। ” कब आ जाऊँ फ़िर मैं ये कपड़े लेने!”। ” आप आ जाना हफ़्ते भर में!”। ”...