by Rachna Siwach | Sep 8, 2019 | Uncategorized
आओ तुम्हें चाँद पे ले जाएं एक नई दुनिया बसाएं! बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ हैं.. गुनगुनाते-गुनगुनाते आज की ख़बर पर नज़र पड़ी थी.. चन्द्रयान-2 चाँद के करीब पहुँचते-पहुँचते रह गया.. प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी होंसला बढ़ाते हुए.. दिखे थे । भारतवर्ष प्रगति के...
by Rachna Siwach | Sep 7, 2019 | Uncategorized
कलकत्ता से आया गुल्ला रोशो गुल्ला रोशो गुल्ला कुल्हड़ भर-भर घर में आता रोशो गुल्ला सबको भाता रोशो गुल्ला संग भाया कलकत्ता भूल गए सम्बोधन उसका रसगुल्ले से रोशो गुल्ला नाम पड़ गया उसका भइया श-श ज़बान पर आया सच! कलकत्ता ख़ूब था भाया रोशो गुल्ला खा विक्टोरिया घूमें...
by Rachna Siwach | Sep 5, 2019 | Uncategorized
हर किसी का जो वयक्तित्व निर्माण है। माँ-पिता के साथ गुरु का भी स्थान है। गुरु अथवा शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वो ही राष्ट्र की संस्कृति का निर्माता है। पाँच सितंबर को डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है.. जो की एक महान दार्शनिक और...
by Rachna Siwach | Sep 5, 2019 | Uncategorized
साड़ी पहन के बन गई मेम टीचर-टीचर खेला खेल गुड़िया-गुड्डे ख़ूब पढ़ाए पाठशाला से खड़िया लाए ख़ूब बनी मैं टीचर वाह-वाह कैसे थे दिन वो भी वाह-वाह! शिक्षक दिवस था अब है आया सच की टीचर बन मज़ा सा आया शिक्षक दिवस ख़ूब मनाया अपने गुरु को सम्मान दिलाया शिक्षक दिवस का उच्च...
by Surinder Kaur | Sep 2, 2019 | Uncategorized
हरियाली तीजआऔ तीज का त्योहार।करूं मैं सोलह सिंगार।सुन दिल की तू पुकार।आजा आई बहार ।। हाये रे।बरसे सावन घनघोर।नाचन लागे है मोर।मैं भी नाची रे सज्जनउठी है कैसी हिलोर।। हाय रेमेंहदी चूङी सजाई।पिया के मन भाई।चूङी बाजे छनछनकरे कंगना भी शोर।। हाय रे।मेघा जम के बरस।होगे पी...
by Rachna Siwach | Aug 31, 2019 | Uncategorized
आज घर की छत्त पर खड़े होकर देखा.. गेट पर रंग-बिरंगी चूड़ियों का ठेला लिए.. भईया खड़ा था.. रंग-बिरंगी चूड़ियाँ देखकर हमारा सारा बचपन हमारी आँखों के आगे घूम गया.. हमें अच्छे से याद है.. जब भी माँ के संग गाँव जाया करते .. तो नानी चूड़ी पहनाने के लिए मनिहार को बुलवा लिया...