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और तुम चलीं गईं

बहुत सी बातें करनी थीं, तुमसे

और तुम चलीं गयीं,

मन की मन में ही रह गई

और तुम चलीं गयीं,

मन होता है लेने आऊँ तुमको

बिन बताये न जाने कहाँ

पर तुम चलीं गयीं,

न जाने क्या सोचा तुमनें

कुछ भी न कहा,

और तुम चलीं गईं

क्या सोच रहीं थीं? कह तो देतीं!

मुड़ कर एक बार देख तो लेतीं,

पता नहीं इतनी नाराज़ सी होकर

न जाने कहाँ तुम चलीं गईं

आ जाओ माँ, मना लेंगें तुमको

अधूरी बातें कर लेंगें तुमसे

खड़े ही रह गये हम

पर तुम चलीं गयीं।।

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