” देखो माँ! नानी की फोटो..!!”।
” अरे! ये माँ की तस्वीर ऐसी-कैसे! वीडियो कॉल कर के देखा जाए!”।
सुनीता ने भतीजे के द्वारा माँ की भेजी हुई फोटो देखकर कहा था।
” पता नहीं क्यों माँ की यह तस्वीर कुछ ठीक सी नहीं लग रही.. इसमें न जाने क्यों माँ बीमार सी दिखाई दे रहीं हैं! अभी इतनी बूढ़ी थोड़ी ही हैं.. माँ! पर इस तस्वीर में इतनी उम्र न जाने क्यों लग रही है.. “।
सुनीता ने माँ की तस्वीर देख.. मन ही मन सोचा था। मन हुआ.. था.. एकबार सुनीता का, कि क्यों न माँ से वीडियो कॉल कर बातचीत करके देखा जाए.. अक्सर ही वीडियो कॉल कर सुनीता अपने परिवार से बातचीत कर लिया करती थी। पर इस बार न जाने क्यों यह ख्याल सुनीता के मन में ही रह गया..
” आप कैसी हो..?”।
सुनीता ने फ़ोन पर अनिताजी से पूछा था।
” मैं बिल्कुल ठीक हूँ! तू सुना!”।
माँ की फ़ोन पर तो आवाज़ ठीक ही लग रही थी.. पर न जाने क्यों सुनीता को तसल्ली का अहसास नहीं हुआ था।
और अपनी बेचैनी को दूर करने के लिए सुनीता ने फ़िर एकबार अपनी माँ को फ़ोन लगा डाला..
” आपकी आवाज़ में इतनी कंपन क्यों.. माँ!”।
” अरे! मैं अभी सौ कर उठी हूँ.. बेटा! इसलिए तुम्हें लग रहा होगा!
” ठीक है!”
अपने मन का वहम दूर करते हुए.. सुनीता ने कई दिन तक अपनी माँ को फ़ोन नहीं किया था।
” क्या..!! माँ I.C.U में हैं!”।
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